तीन करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दोषी को दो साल की कैद
Cheque Bounce Case of Rs 3 Crore
चंडीगढ़, 4 फरवरी: Cheque Bounce Case of Rs 3 Crore: जिला अदालत ने 3 करोड़ रुपये से अधिक के चेक बाउंस के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए दो साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा के साथ-साथ दोषी को 3.61 करोड़ की चेक राशि अदा करने के भी निर्देश दिए हैं।
सजा पाने वाले व्यक्ति की पहचान सुरिंदर सिंह, निवासी जिला नवांशहर (पंजाब) के रूप में हुई है। यह मामला सेक्टर-9 स्थित कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड द्वारा करीब सात वर्ष पहले दायर किया गया था।
अदालत में बैंक की ओर से पैरवी कर रहे वकील मोहित सरीन ने बताया कि सुरिंदर सिंह ने बैंक से किसान क्रेडिट लोन लिया था। ऋण समझौते के अनुसार उसे किश्तों में भुगतान करना था, लेकिन उसने किश्तें देना बंद कर दिया। बैंक द्वारा कई बार रिमाइंडर भेजे गए, इसके बावजूद दोषी ने ऋण नहीं चुकाया।
इसके बाद बैंक ने ऋण के एवज में जमा कराया गया 3.61 करोड़ का सिक्योरिटी चेक अपने खाते में प्रस्तुत किया, जो पर्याप्त फंड न होने के कारण बाउंस हो गया। बैंक ने 31 अक्टूबर 2019 को दोषी को कानूनी नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर भुगतान करने को कहा, लेकिन राशि जमा नहीं करवाई गई।
नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद बैंक ने दोषी खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत जिला अदालत में शिकायत दर्ज करवाई। सुनवाई के दौरान दोषी वकील ने दलील दी कि उस पर कोई देनदारी नहीं है और बैंक ने सिक्योरिटी चेक का दुरुपयोग किया है। हालांकि अदालत ने इन दलीलों को खारिज कर दिया।
सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने सुरिंदर सिंह को दोषी ठहराते हुए दो साल की कैद की सजा सुनाई और 3.61 करोड़ की राशि अदा करने का आदेश दिया।